प्रदेश की सहकारी संस्थाओ का विवरण

1.विभाग के प्रशासकीय नियंत्रणाधीन प्रमुख शीर्ष सहकारी संस्थाये

  • म.प्र. राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक)       

अल्पकालीन सहकारी साख संरचना के अंतर्गत यह शीर्ष स्तरीय संस्था है।अपेक्स बैंक न केवल अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण की प्रतिपूर्ति जिला बैंकों को करता है बल्कि यह अपनी 24 शाखाओें के माध्यम से बैंकिंग व्यवसाय भी करता है। प्रदेश की सभी सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग प्रणाली लागू हो गई है, जिससे अपैक्स बैंक मुख्यालय एवं इसकी 24 शाखाओं एवं 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्यालय एवं 829 शाखाओं में कोर बैंकिंग प्रणाली के अंतर्गत बैंकिंग कार्य किया जा रहा है। 

  • मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या., भोपाल

कृषको को दीर्धावधि ऋण उपलब्ध कराने के उद्धेश्य से द्विस्तरीय संरचना अन्तर्गत जिला स्तर पर 38 जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एवं प्रदेश स्तर पर एक शीर्ष सहकारी संस्था मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित, भोपाल कार्यरत थी। वर्तमान में वर्ष 2010 से बैंक का ऋण वितरण बन्द है। 

  • म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या., भोपाल    

विपणन संघ क्षेत्र में द्विस्तरीय संरचना के अंतर्गत प्रदेश में कृषि उपजों के विपणन एवं भंडारण के उद्देश्य से शीर्ष स्तर पर म.प्र.राज्य सहकारी विप.संघ वर्ष 1956 से कार्यरत है, जिसके अंतर्गत विकास खण्ड स्तर पर 262 प्राथमिक विपणन सहकारी संस्थाऐं कार्यरत हैं। संघ द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को गुणवत्ता युक्त कृषि आदान जैसे उर्वरक, कीटनाशक दवाईयां, प्रमाणित बीज एवं कृषि उपकरण उपलब्ध कराये जाते हैं। कृषकों को उनकी उपजों का उचित मूल्य दिलाना, कृषकों द्वारा उत्पादित उपजों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन करना संघ का मुख्य कार्य है। संघ द्वारा 41 जिला कार्यालयों के माध्यम से उक्त व्यवसाय किया जाता है।

  • म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ मर्या., भोपाल

    गृह निर्माण क्षेत्र में द्विस्तरीय संरचना के अंतर्गत प्रदेश में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आवास ऋण एवं भूखण्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शीर्ष स्तर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्या., भोपाल तथा जिलों में प्राथमिक गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ मर्या., भोपाल वर्ष 1970 से कार्यरत है। वर्तमान में आवास संघ की प्रदेश में 975 प्राथमिक गृह निर्माण संस्थायें सदस्य हैं। आवास संघ संभाग स्तर पर अपनी 03 शाखाओं भोपाल, इन्दौर एवं जबलपुर के माध्यम से अपना व्यवसाय करता है। आवास संघ का मुख्य उद्देश्य राज्य की गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं/व्यवसायिक निर्माण से संबंधित संस्थाओं/कम्पनियों/व्यक्तियों के माध्यम से आवासीय एवं अनुशंगी सुविधायें उपलब्ध कराना है। 

  • म.प्र. राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ मर्या., भोपाल 

प्रदेश में प्राथमिक उपभोक्ता भंडारो, थोक उपभोक्ता भंडारों एवं अन्य सहकारी समितियों के माध्यम से आम उपभोक्ता वस्तुयें प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ताओं को सहजता से उपलब्ध कराने हेतु त्रिस्तरीय संरचना पर आधारित संस्था कार्यरत है।
संघ द्वारा प्रदेश में संभागीय स्तर पर संचालित 08 शाखाओं, 03 प्रियदर्शिनी केन्द्रों एवं 01 विस्तार पटल इस प्रकार कुल 04 प्रियदर्शिनी केन्द्रों, खण्डवा शहर में 01 गैस इकाई तथा भोपाल में 01 प्रेस इकाई के माध्यम से उपभोक्ताओं को दैनिक उपयोगी वस्तुयें एवं कार्यालयीन सामग्री का शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों को प्रदाय किया जा रहा है। 

  • म.प्र. राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्या., भोपाल

कृषि को लाभ का धंधा बनाये जाने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु बीज स्थापन दर में वृद्धि करने एवं प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराये जाने हेतु वर्ष 2002 से प्राथमिक बीज उत्पादक सहकारी समितियों के गठन/पंजीयन का अभियान प्रारंभ किया गया एवं वर्ष 2004 में प्रदेश में कार्यरत प्राथमिक बीज उत्पादक सहकारी समितियों की शीर्ष संस्था के रूप में बीज संघ का गठन किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 2388 प्राथमिक बीज उत्पादक सहकारी समितियां पंजीकृत है। बीज संघ की सदस्य सहकारी समितियों की संख्या 865 है।

  • मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्या., भोपाल

म.प्र. राज्य सहकारी संघ की स्थापना 25 मार्च 1958 को हुई है। संघ 1958 से निरंतर सहकारिता में मानव संसाधन विकास में क्रियाशील है। यह म.प्र. शासन द्वारा वित्त पोषित है।

संघ की प्रमुख गतिविधियों में म.प्र. सहकारी आंदोलन में मानव संसाधन विकास/सहकारी शिक्षण/सहकारी प्रशिक्षण /कम्प्यूटर विधा का ज्ञान तथा सहकारिता का प्रचार प्रसार/साहित्य प्रकाशन सम्मिलित है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ द्वारा मध्यप्रदेश सहकारी समाचार का पाक्षिक रूप से नियमित प्रकाशन किया जा रहा है, जिसमें शासकीय योजनाओं तथा सहकारिता की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाता है।